नई दिल्ली: ‘सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस’ (Armed Forces Veterans Day) के विशेष अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान को याद किया। उन्होंने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन पवन’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों का शौर्य और पराक्रम राष्ट्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन पवन के दौरान हमारे सैनिकों ने जिस अद्भुत साहस का परिचय दिया, वह बेमिसाल है। उन्होंने जोर देकर कहा:
“कई सैनिकों ने कर्तव्य की राह पर चलते हुए वीरगति प्राप्त की। उनका यह बलिदान और साहस हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।”
क्या था ‘ऑपरेशन पवन’?
भारतीय सेना ने 1987 से 1990 के बीच श्रीलंका में शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन पवन’ चलाया था।
उद्देश्य: श्रीलंका में गृहयुद्ध जैसी स्थितियों के बीच शांति स्थापित करना।
भारतीय शांति सेना (IPKF): इस ऑपरेशन के तहत भारतीय शांति सेना के हजारों जवानों को तैनात किया गया था।
शौर्य गाथा: कठिन परिस्थितियों और छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) के बावजूद भारतीय जांबाजों ने शांति बहाली के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
पूर्व सैनिक दिवस का महत्व
बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके कल्याण और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह दिन भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा की सेवानिवृत्ति के सम्मान में मनाया जाता है।
मुख्य बिंदु:
अवसर: सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस।
श्रद्धांजलि: ऑपरेशन पवन के शहीद जवानों को नमन।
संदेश: सैनिकों का साहस राष्ट्र की धरोहर है।
