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रतलाम। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा श्रीमती भावना बावेल, श्रीमती मंजू वर्मा, श्रीमती सरोज चौहान और श्रीमती आकांक्षा बावेल का आत्मीय सम्मान किया गया।
इस अवसर पर संघ के संभागीय सह-संगठन मंत्री सर्वेश कुमार माथुर ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में महिलाओं को ‘शक्ति स्वरूपा’ माना गया है। हमारे यहाँ देवताओं को भी उनकी माताओं के नाम से पुकारा जाता है, जैसे—अंजनी पुत्र, कौशल्या नंदन और यशोदा के लाला। इतना ही नहीं, देवताओं से पूर्व देवियों का नाम लेने की परंपरा है, जैसे—सीता-राम और राधे-कृष्ण।
जिला अध्यक्ष गोपाल उपाध्याय ने कहा कि किसी भी पुरुष की सफलता के पीछे महिला का हाथ होता है, चाहे वह माँ, पत्नी, बहन या बेटी के रूप में हो।
जिला सचिव जितेन्द्र सिंह चौहान ने महिलाओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज महिलाएँ अंतरिक्ष तक उड़ान भर रही हैं और हर क्षेत्र में अपनी योग्यता सिद्ध कर रही हैं।
इस अवसर पर रतलाम शहर संगठन मंत्री विश्वमित्र पंवार, तहसील अध्यक्ष रमेश परमार, सचिव डी.के. जोशी, कोषाध्यक्ष प्रवीण परिहार, वरिष्ठ शिक्षक डॉ. दिलीप वर्मा, इंद्र नारायण पाठक, शांति लाल बावेल, संजय मांजरेकर, ध्रुव कुमार पारखी, संजय मावर, युगल किशोर पाल, रविन्द्र वर्मा, रामप्रसाद गेहलोत, अशफाक खान और लोकेंद्र व्यास आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप वर्मा ने किया एवं आभार रविन्द्र वर्मा ने व्यक्त किया।
