डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन के विकास को मिली नई गति
प्लेटफॉर्म-4 का होगा विस्तार
रतलाम, 15 फरवरी। डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों में आ रही एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। रेलवे द्वारा रक्षा मंत्रालय से मांगी गई भूमि अब उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही, संबंधित क्षेत्र में वर्षों से व्याप्त अतिक्रमण को भी पूरी तरह हटा दिया गया है।
अतिक्रमण मुक्त हुई करोड़ों की भूमि डॉ. अम्बेडकर नगर से पातालपानी के मध्य (किमी 514/9 से 515/3 तथा किमी 515/22 से 515/26 के बीच) कुल 1,51,613 वर्ग फीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इस भूमि की अनुमानित कीमत लगभग 13.45 करोड़ रुपये है। रक्षा संपदा विभाग द्वारा यह संपूर्ण भूमि आधिकारिक तौर पर रेलवे को हस्तांतरित कर दी गई है।
प्लेटफ़ॉर्म-4 और परिचालन क्षमता में होगा सुधार इस भूमि के मिलने से स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 का विस्तार संभव हो सकेगा। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म केवल 400 मीटर लंबा है, जिस पर मात्र 14 कोच की ट्रेन ही खड़ी हो सकती है। विस्तार के बाद यह ‘फुल लेंथ’ प्लेटफॉर्म बन जाएगा, जिससे पूरी लंबाई वाली ट्रेनें यहाँ आसानी से आ सकेंगी।
इसके अतिरिक्त, स्टेशन की लाइन नंबर 5 एवं 6 का भी विस्तार किया जाएगा। इससे ट्रेनों की शंटिंग व्यवस्था सुधरेगी और परिचालन क्षमता (Operational Capacity) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इंदौर पुनर्विकास और सिंहस्थ 2028 में मिलेगी राहत रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विस्तार का बड़ा लाभ इंदौर रेलवे स्टेशन के आगामी पुनर्विकास कार्य के दौरान मिलेगा। उस समय ट्रेनों को डॉ. अम्बेडकर नगर स्टेशन पर शिफ्ट किया जा सकेगा, जिससे इंदौर क्षेत्र के रेल यातायात को बड़ी राहत मिलेगी।
साथ ही, वर्ष 2028 के सिंहस्थ महापर्व के दौरान डॉ. अम्बेडकर नगर से अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की संभावनाएँ भी मजबूत हुई हैं, जो श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए अत्यंत सुविधाजनक होगा।
