भोपाल/जबलपुर (मध्य प्रदेश) – अभिनय और प्रशासन — दोनों दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली आईपीएस सिमाला प्रसाद ने यह साबित कर दिया है कि जुनून, अनुशासन और कड़ी मेहनत किसी भी सपने को सच कर सकती है।
पहले प्रयास में UPSC में सफलता
सिमाला प्रसाद ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में क्लियर करते हुए ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की और 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी बनकर मध्य प्रदेश कैडर से जुड़ गईं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा
उनका जन्म 8 अक्टूबर 1980 को मध्य प्रदेश के जबलपुर/भोपाल में हुआ।
पिता भागीरथ प्रसाद पूर्व आईएएस अधिकारी और सांसद रह चुके हैं, और माता मेहरुन्निसा परवेज एक प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं जिन्हें पद्मश्री सम्मान भी मिल चुका है।
शिक्षा और प्रारंभिक दिन
सिमाला ने सेंट जोसेफ स्कूल, भोपाल से शिक्षा पूरी की, फिर बी.कॉम और समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रैजुएशन किया। कॉलेज के दिनों से ही वे पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों — विशेषकर थिएटर — दोनों में सक्रिय रहीं।
अभिनय और अभिनय करियर
कॉलेज के समय से ही थिएटर में अभिनय का शौक रखने वाली सिमाला ने बाद में बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया, जिनमें ‘अलिफ़’ (2017) और ‘नक्काश’ (2019) जैसी फिल्मों में भूमिकाएँ शामिल हैं। आईपीएस बनने के बाद भी उन्होंने अभिनय को पूरी तरह नहीं छोड़ा।
+जवाबदेही से भरा प्रशासनिक सफर
पहले उन्होंने एमपीपीएससी परीक्षा पास कर डीएसपी के रूप में सेवा शुरू की, और फिर UPSC में सेल्फ-स्टडी करके आईपीएस अधिकारी बनीं। आज वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं और वर्दी की सख्ती के साथ संवेदनशील प्रशासन के लिए जानी जाती हैं।
प्रेरणा और संदेश
सिमाला मानती हैं कि कोचिंग दिशा दे सकती है, लेकिन असली सफलता आत्म-अनुशासन और कड़ी मेहनत से ही मिलती है। वे युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं कि सपने छोटे या बड़े नहीं होते — मेहनत बड़ी होती है
