Rail Budget 2026:
देश के आम बजट के साथ रेलवे बजट 2026 भी पेश किया गया है। रेल मंत्रालय द्वारा राज्यों को मिलने वाले बजट का ब्योरा साझा किया गया। सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में देशभर के सभी रेल मंडलों के साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से यह जानकारी दी गई।
मध्यप्रदेश को 15,188 करोड़ का रेल बजट
रेल बजट 2026 में मध्यप्रदेश को 15,188 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह राशि पिछले बजट की तुलना में करीब 24 प्रतिशत अधिक है। इससे राज्य में रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ समग्र विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन को विशेष पैकेज
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए पहली बार विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। सिंहस्थ के लिए उज्जैन को 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा, जिससे रेलवे कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जा सकेगा।
सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ये ट्रेनें
- भोपाल–उज्जैन
- उज्जैन–इंदौर
- उज्जैन–दाहोद
- उज्जैन–चित्तौड़गढ़
- जबलपुर–भोपाल–उज्जैन
मार्गों पर चलाई जाएंगी।
इंदौर–मनमाड़ रेल परियोजना समेत कई प्रोजेक्ट स्वीकृत
इंदौर–मनमाड़ रेल परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं पर कार्य तेजी से जारी है। इसके पूरा होने से माल ढुलाई और यात्री परिवहन को सीधा लाभ मिलेगा तथा औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
MP में बनेगा बड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर
मध्यप्रदेश में ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट ट्रेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल से शुरू होकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र होते हुए गुजरात तक जाएगा।
इस समर्पित ट्रैक के जरिए इंडस्ट्री का कंटेनर और कार्गो मूवमेंट आसान होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और समय की बचत होगी। इसके साथ ही मध्यप्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र के वेस्ट कोस्ट के प्रमुख पोर्ट्स से जुड़ेगा।
एक नजर में:
- मध्यप्रदेश में 1 लाख 18 हजार करोड़ रुपये के रेल प्रोजेक्ट चल रहे हैं
- 80 स्टेशनों पर अमृत स्टेशन योजना के तहत काम जारी
- प्रदेश में 3163 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर
- रतलाम रेल मंडल के 16 स्टेशनों पर अमृत योजना का कार्य
- 108 किलोमीटर में कवच योजना का काम पूरा
हादसे रोकने के लिए ट्रेनों में लगेगा कवच
रेल हादसों को रोकने के लिए प्रमुख रेल मार्गों पर कवच (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) लगाने के काम में तेजी लाई जाएगी। रेल अधिकारियों के अनुसार, इससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम होगी।
रेल बजट में
- गेज कन्वर्जन के लिए राशि 4284 करोड़ से बढ़ाकर 4600 करोड़ रुपये
- सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम को मजबूत करने के लिए 7500 करोड़ रुपये
का प्रावधान किया गया है, जिसमें कवच सुरक्षा भी शामिल है।
