रतलाम। नीमच जिले के मनासा में GBS (गुइयां-बेरे सिंड्रोम) के प्रकोप के बाद अब रतलाम शहर में भी इस बीमारी की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शहर के साखवाल नगर निवासी एक बालक में GBS के संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद उसे गंभीर हालत में इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सर्वे
सतर्कता प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से सर्वे टीमों का गठन किया है। यह टीमें साखवाल नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। सर्वे का मुख्य उद्देश्य अन्य संभावित मरीजों की पहचान करना और लोगों को इस बीमारी के लक्षणों के प्रति जागरूक करना है।
क्या है GBS सिंड्रोम?
यह एक दुर्लभ ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) अपनी ही नसों (Peripheral Nerves) पर हमला करने लगता है।
- लक्षण: हाथ-पैरों में झनझनाहट, कमजोरी, चलने में कठिनाई और गंभीर स्थिति में लकवा (Paralysis) या सांस लेने में तकलीफ।
- कारण: अक्सर किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद यह समस्या शुरू होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी या असुरक्षित खान-पान भी इसके कारक हो सकते हैं।
रतलाम में अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी बच्चे या व्यक्ति को अचानक चलने में दिक्कत हो या अंगों में कमजोरी महसूस हो, तो उसे तुरंत जिला अस्पताल या विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएँ। शहर में स्वच्छता अभियान और जल स्रोतों की क्लोरिनेशन प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
