
मुंबई | भारतीय रेल में सुरक्षा तकनीक को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के दूरदर्शी नेतृत्व में पश्चिम रेलवे पर ‘कवच’ (ट्रेन टक्कर रोधी प्रणाली) के विस्तार हेतु दो महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्ताव दिया गया है। यह पहल रेल संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के संकल्प को दर्शाती है।
सुरक्षा के लिए ₹483.65 करोड़ का बजट
भारतीय रेल की ‘अम्ब्रेला वर्क 2024-25’ योजना के तहत पश्चिम रेलवे के लिए ₹483.65 करोड़ की कुल अनुमानित लागत के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इस बजट से रेल पटरियों और इंजनों दोनों को हाई-टेक सुरक्षा तंत्र से लैस किया जाएगा।
उधना–जलगांव खंड बनेगा हाई-टेक
प्रस्ताव के अनुसार, उधना से जलगांव के बीच 307 रूट किलोमीटर लंबे खंड पर ‘कवच’ प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस कार्य हेतु ₹109.83 करोड़ की लागत प्रस्तावित है। इस प्रणाली के लगने से मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना लगभग शून्य हो जाएगी और परिचालन सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
436 इंजनों का होगा कायाकल्प
केवल ट्रैक ही नहीं, बल्कि ट्रेनों के इंजनों को भी ‘कवच’ के अनुकूल बनाया जाएगा। पश्चिम रेलवे के 436 मौजूदा इंजनों में संशोधन, तकनीकी उन्नयन (Upgrade) और प्रोग्रामिंग कार्य के लिए ₹373.82 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि इंजन और ट्रैक की सुरक्षा प्रणाली आपस में सुचारू रूप से संवाद कर सकें।
अम्ब्रेला प्रोजेक्ट के तहत मिली बड़ी राशि
यह कार्य भारतीय रेल की व्यापक परियोजना ‘भारतीय रेल के शेष मार्गों पर दीर्घकालिक विकास (LTE) संचार बैकबोन के साथ कवच की व्यवस्था’ का हिस्सा है। इस मेगा प्रोजेक्ट को ₹27,693 करोड़ की कुल लागत से स्वीकृति मिली है, जिसमें से पश्चिम रेलवे के लिए ₹2,800 करोड़ की उप-अम्ब्रेला राशि स्वीकृत की गई है।
रेल मंत्री का विजन: सुरक्षित और आधुनिक सफर
यह पूरी कार्ययोजना माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत भारतीय रेल के ढांचे को आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से सुरक्षित बनाया जा रहा है। प्रस्तावित पहलों से यात्रियों का भरोसा और सफर की सुगमता दोनों में बढ़ोतरी होगी।
