भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के प्रभावी समन्वय की सराहना करते हुए प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) और ‘प्रगति’ (PRAGATI) जैसे प्लेटफॉर्म्स की मदद से दशकों से अटकी हुई परियोजनाओं को न केवल पुनर्जीवित किया गया है, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा भी किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में निवेश और परियोजनाओं का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इन परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
कुल निवेश वाली परियोजनाएं: 209
पूर्ण हो चुकी परियोजनाएं: 108 (कुल निवेश ₹2,61,340 करोड़)
क्रियान्वयन के अधीन परियोजनाएं: 101 (कुल निवेश ₹5,24,471 करोड़ से अधिक)
सफलता की दर: मध्यप्रदेश ने केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में 97% सफलता हासिल की है।
प्रमुख विभाग और उनकी उपलब्धियां
प्रदेश के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली इन परियोजनाओं में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय शामिल हैं:
रेल मंत्रालय: 14 बड़ी परियोजनाएं।
सड़क परिवहन मंत्रालय: 13 प्रमुख परियोजनाएं।
विद्युत और नवकरणीय ऊर्जा: 5 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स।
अन्य: दूरसंचार, कोयला, तेल एवं गैस, और मेट्रो रेल परियोजनाएं।
रेलवे और कनेक्टिविटी: जबलपुर से मुंबई-चेन्नई तक का रास्ता आसान
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रेलवे के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया:
जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन: 285 किमी लंबी इस परियोजना से अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी के लोगों को नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों के लिए सीधी ट्रेनें मिलेंगी।
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन: ₹18.5 हजार करोड़ की इस परियोजना से उज्जैन और मालवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
सुशासन का प्रतीक: ‘प्रगति’ पोर्टल की 50वीं बैठक
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म (Proactive Governance and Timely Implementation) की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी।
50वीं बैठक: 31 दिसंबर 2025 को ‘प्रगति’ की 50वीं बैठक संपन्न हुई।
समाधान की गति: PMG और प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य सरकार ने सामने आए 322 मुद्दों में से 312 का सफलतापूर्वक समाधान किया।
भूमि अधिग्रहण: मध्यप्रदेश ने केंद्रीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित किए हैं।
विकास के अन्य प्रमुख आकर्षण
कूनो नेशनल पार्क: वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कूनो में चीतों का सफल पुनर्वास।
पीएम मित्र पार्क (धार): कपास उत्पादक किसानों के लिए औद्योगिक अवसर।
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना: जल सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम।
मुख्यमंत्री का संदेश: “नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी”
डॉ. यादव ने कहा कि पहले योजनाएं केवल कागजों पर भव्य दिखती थीं, लेकिन अब पीएम मोदी के “प्रो-एक्टिव गवर्नेंस” से धरातल पर परिणाम दिख रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि राज्यों के बीच भले ही राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्र विकास के लिए समन्वय ही सबसे बड़ी शक्ति है।
मध्यप्रदेश आज ऊर्जा और परिवहन के केंद्र के रूप में उभर रहा है। ‘प्रगति’ और ‘PMG’ के माध्यम से निर्मित ईको-सिस्टम ने प्रदेश को आधुनिक तकनीक और अधोसंरचना विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
