रतलाम। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ (ऋषभदेव) का जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव इस वर्ष भी रतलाम नगरी में अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। अखिल भारतीय मूर्ति पूजक युवक महासंघ, रतलाम इकाई द्वारा विगत 11 वर्षों से निरंतर आयोजित किए जा रहे इस भव्य महोत्सव की तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।
साधु-साध्वी भगवंतों की निश्रा में निकलेगी भव्य रथयात्रा
महासंघ के अध्यक्ष मुकेश पगारिया एवं सचिव जितेंद्र चोपड़ा ने बताया कि नगर में विराजित पूज्य साधुजी एवं साध्वीजी भगवंतों की पावनकारी निश्रा में एक विशाल रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव चैत्र वदी अष्टमी, दिनांक 11 मार्च 2026, बुधवार को आयोजित होगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा और मार्ग
रथयात्रा का प्रारंभ प्रातः 8:30 बजे श्री मोती पूज्य जी मंदिर, चौमुखीपुल से होगा। यह भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों:
घासबाजार, खेरादीवास, डालूमोती बाजार, न्यू क्लॉथ मार्केट, गणेश देवरी, तोपखाना और चांदनीचौक से होती हुई पुनः चौमुखीपुल स्थित श्री मोती पूज्य जी मंदिर पर संपन्न होगी।
आदिनाथ भगवान का संदेश
भगवान आदिनाथ ने आदिम युग के मानव को कृषि और कर्म के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाई थी। उन्होंने हिंसा का त्याग कर शाकाहार और सत्य का मार्ग दिखाया, जो आज भी विश्व के लिए प्रासंगिक है। महोत्सव के माध्यम से उनके इन्हीं लोक-कल्याणकारी संदेशों को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
पधारने का आग्रह
युवक महासंघ ने समस्त धर्मनिष्ठ श्रावक-श्राविकाओं और श्री संघ से निवेदन किया है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन की शोभा बढ़ाएं और इस पावन प्रसंग का लाभ उठाएं।
