रतलाम | पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने अपनी परिचालन क्षमता का लोहा मनवाते हुए भारतीय रेलवे में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, 100 से अधिक मालगाड़ी परिचालन वाले देश के बड़े रेल मंडलों में प्रि-डिपार्चर डिटेंशन (Pre-Departure Detention) के मामले में रतलाम मंडल प्रथम स्थान पर रहा है।
क्या है यह उपलब्धि?
मालगाड़ी के तैयार होने से लेकर उसके वास्तव में प्रस्थान करने के बीच के समय (डिटेंशन) को न्यूनतम रखना रेलवे की कार्यकुशलता का पैमाना होता है। रतलाम मंडल ने मात्र 41 मिनट का औसत समय दर्ज कर देशभर के दिग्गज मंडलों को पीछे छोड़ दिया है।
सफलता के 5 मुख्य स्तंभ:
डिजिटल एकीकरण: क्रू बुकिंग के लिए 100% FOIS-CMS (फ्रेट और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम) का सफल एकीकरण।
स्मार्ट मॉनिटरिंग: क्रू लॉबी की नियमित निगरानी जिससे स्टाफ की समय पर ड्यूटी सुनिश्चित हुई।
यार्ड मैनेजमेंट: ट्रेनों के लिए अलग-अलग सेगमेंटेशन (थ्रू ट्रेन बनाम इंजन बदलाव वाली ट्रेन) की व्यवस्था।
गति में सुधार: मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ना और यार्डों में कंजेशन (भीड़भाड़) को कम करना।
कुशल समन्वय: मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के नेतृत्व में परिचालन और तकनीकी विभागों के बीच बेहतर तालमेल।
पीआरओ का वक्तव्य: > जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार के अनुसार, बुकिंग प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और इंटीग्रेटेड FOIS आईडी के माध्यम से पारदर्शिता लाने से यह उपलब्धि संभव हो सकी है। इससे न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि क्रू के कार्य घंटों पर भी बेहतर नियंत्रण पाया गया है।
