रतलाम | रतलाम के सालाखेड़ी चौकी क्षेत्र से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ न केवल दरिंदगी की गई, बल्कि उसे मरणासन्न हालत में झाड़ियों में फेंक दिया गया। इस घटना ने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची अपने घर से सामान लेने के लिए निकली थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिजनों की तलाश के दौरान बच्ची लहूलुहान हालत में झाड़ियों में मिली। बच्ची के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे साफ जाहिर था कि उसके साथ बर्बरता की गई है। उसे तुरंत जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। औद्योगिक थाना पुलिस और सालाखेड़ी चौकी बल ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से संदिग्ध को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
प्रशासन का कड़ा संदेश: घर हुआ जमींदोज
मुख्यमंत्री के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का पालन करते हुए, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। अधिकारियों का कहना है कि समाज में ऐसे अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और यह कार्रवाई अन्य अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है।
जनता में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। अस्पताल में बच्ची की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वह गहरे सदमे में है।
यह खबर अगस्त 2024 की घटना और उसके बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई पर आधारित है। वर्तमान में (2026) यह मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।
