रतलाम | कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने स्वयं आवेदकों से रूबरू होकर उनके आवेदन प्राप्त किए और मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
प्रमुख मामले और कलेक्टर की कार्रवाई:
जनसुनवाई के दौरान कुल 99 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया। प्रमुख प्रकरणों में निम्नलिखित मामले चर्चा में रहे:
- किसान सम्मान निधि की गुहार: ग्राम धराड़ निवासी ईश्वरलाल ने अपनी बंद हो चुकी ‘किसान सम्मान निधि’ को पुनः शुरू करने की मांग की। कलेक्टर ने तुरंत तहसीलदार रतलाम को मामले की जांच कर पात्र होने पर लाभ बहाल करने के निर्देश दिए।
- समग्र आईडी में सुधार की मांग: सिलावटों का वास निवासी नरेन्द्र कुमावत ने बताया कि जनवरी 2026 से उनके पुत्र की समग्र आईडी में माता-पिता का नाम सुधारने का आवेदन लंबित है। इस पर नगर निगम आयुक्त को पोर्टल अपडेट करने हेतु निर्देशित किया गया।
- पुजारी का बकाया मानदेय: ढोढर के कबीर मंदिर के पुजारी मांगूदास बैरागी ने पिछले 32 महीनों से मानदेय न मिलने की व्यथा सुनाई। इस पर तहसीलदार जावरा को बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश दिए गए।
- इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड: बाजना निवासी राजेंद्र सुराना, जो पैंक्रियाटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, ने आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु आवेदन दिया। कलेक्टर ने CMHO को प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान करने के लिए कहा।
समय-सीमा में निराकरण का संकल्प
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना है। जो आवेदन तत्काल निराकृत नहीं हो सके, उन्हें ‘समय-सीमा (TL)’ में रखते हुए संबंधित विभाग प्रमुखों को सौंप दिया गया है।
