नई दिल्ली: देश की राजधानी स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में युवा उद्योगपति वरुण पोरवाल और उनकी यूके सहयोगी पूजा चोपड़ा का नाम ‘लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। उन्हें यह सम्मान “क्रुएल्टी फ्री लिविंग” (हिंसा रहित जीवन शैली) के माध्यम से 20 लाख से अधिक लोगों को पशु-हिंसा से मुक्त वस्तुएं जैसे जूते, बेल्ट, पर्स, हैंडबैग और ट्रैवल बैग उपलब्ध कराने के लिए दिया गया है।
8 सालों से जारी है मुहिम
वरुण पोरवाल और पूजा चोपड़ा पिछले 8 वर्षों से इस उद्देश्य पर काम कर रहे हैं कि हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उपयोग होने वाली चीज़ों में किसी भी तरह की पशु हिंसा न हो। उनका उद्यम ‘फेलिक्स इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ ऐसी वस्तुओं का निर्माण करता है जो पूरी तरह से क्रुएल्टी-फ्री (पशु क्रूरता मुक्त) हैं। इसके साथ ही वे लोगों में जागरूकता भी फैला रहे हैं, क्योंकि जानकारी के अभाव में लोग ऐसी कई चीज़ें इस्तेमाल करते हैं जो अनजाने में पशु हिंसा को बढ़ावा देती हैं।
मध्य प्रदेश में ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ पर शुरुआत
वरुण पोरवाल ने बताया कि वे जल्द ही मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में अपने प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराएंगे। इनका दाम ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ के आधार पर रखा जाएगा ताकि हर वर्ग का व्यक्ति इन्हें खरीद सके और पशु हिंसा को रोकने में अपना योगदान दे सके।
देहरादून में बनेगा देश का पहला ‘अहिंसा उद्यम क्षेत्र’
वरुण ने एक बड़ी योजना का खुलासा करते हुए बताया कि वे देहरादून में देश के पहले ‘अहिंसा उद्यम क्षेत्र’ की स्थापना कर रहे हैं। इसमें लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस क्षेत्र में ऐसे उद्योग लगेंगे जहाँ पीयू (PU), वीगन लेदर और प्राकृतिक फूलों के अर्क से फुटवियर, ट्रैवल और कॉस्मेटिक सामान बनाए जाएंगे। इसके लिए वे स्वयं और सीएसआर (CSR) के माध्यम से राशि जुटाएंगे।
क्या है क्रुएल्टी फ्री लिविंग?
यह एक ऐसी जीवन शैली है जिसमें जानवरों के प्रति क्रूरता से बचा जाता है। इसमें मुख्य रूप से:
शाकाहारी या वीगन आहार अपनाना।
जानवरों पर प्रयोग (Testing) न करने वाले ब्यूटी और केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल।
चमड़ा, ऊन या रेशम जैसे पशु उत्पादों का त्याग करना शामिल है।
वरुण पोरवाल को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने पर उद्योग जगत और सामाजिक संस्थाओं ने खुशी जताई है। उनकी इस उपलब्धि ने मध्य प्रदेश और देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है।
