महिदपुर रोड। स्थानीय श्री राजेंद्र सुरि ज्ञान मंदिर में विराजित साध्वी श्री शाश्वत प्रिया श्री जी महाराज साहब ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए धार्मिक पाठशाला के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिन शासन और धर्म को आगे बढ़ाने के लिए ज्ञान की नींव केवल धार्मिक पाठशाला ही है।
मुख्य बिंदु:
- संस्कारों का केंद्र: साध्वी जी ने कहा कि पाठशाला से ही बच्चों में सुसंस्कारों का बीजारोपण होता है। आज जैन धर्म में जितने भी महान आचार्य और विभूतियां हुई हैं, उन्होंने पाठशाला से ही ज्ञान अर्जन कर शासन को गौरवान्वित किया है।
- माता-पिता का कर्तव्य: प्रत्येक अभिभावक को अपने बच्चों को धार्मिक शिक्षा के लिए पाठशाला भेजना चाहिए ताकि वे भविष्य में समाज, नगर और देश का नाम रोशन कर सकें।
- धार्मिक शिविर: रविवार दोपहर को 5 से 25 वर्ष तक के युवाओं के लिए ‘युवर हार्ट-युवर पेरेंट्स’ (हमारा दिल-हमारे माता पिता) विषय पर विशेष शिविर का आयोजन साध्वी जी की निश्रा में होगा।
विशेष:
इस अवसर पर साधार्मिक भक्ति और प्रभावना का लाभ राकेश कुमार जितेंद्र कुमार कोचर (मावा वाला परिवार) ने लिया। मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि कार्यक्रम में सकल जैन श्री संघ के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
