जावरा। “जो व्यक्ति दूसरों के प्रति संवेदना रखता है, वही सच्चे अर्थों में मनुष्य कहलाता है। जीव दया का अर्थ केवल दया करना नहीं, बल्कि सभी जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता रखना है।” यह विचार भाजपा नेता चंद्रप्रकाश ओस्तवाल ने व्यक्त किए। वे जैन सोशल ग्रुप ‘मेन’ द्वारा आयोजित गौ-सेवा कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।
गौ सेवा: संस्कृति और धर्म का आधार
गौशाला में गायों को ‘गो-ग्रास’ खिलाते हुए श्री ओस्तवाल ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और सभ्यता का पवित्र प्रतीक हैं। प्राचीन काल से ही गाय को धर्म, संस्कृति और कृषि का आधार माना गया है। हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय मानकर उसमें देवी-देवताओं का वास देखा जाता है।
उन्होंने समूह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा, “मैं पिछले दस माह से जैन सोशल ग्रुप ‘मेन’ की गतिविधियों को देख रहा हूँ। यह समूह जीव दया, मानव सेवा और निर्धनों की सहायता के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहा है।”
अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने का संकल्प
ग्रुप अध्यक्ष अशोक चोपड़ा ने संगठन के ध्येय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा संकल्प जीव दया के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाना है। सेवा करने से करुणा, दया और सहानुभूति जैसे मानवीय गुणों का विकास होता है। गौ सेवा न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी है।
सेवा कार्य के साथ मनाया नेमीचंद जैन का जन्मदिन
इस अवसर पर ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य नेमीचंद जैन का जन्मदिन भी सेवा कार्य करते हुए मनाया गया। 70 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद भी उनका उत्साह प्रेरणादायी है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए प्रत्येक सदस्य के जन्मदिन पर शुभकामना संदेश तैयार कर भेजने के उनके कार्य की सभी ने प्रशंसा की।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस सेवा कार्य के दौरान सचिव कनेश मेहता, कोषाध्यक्ष विमल सिसोदिया, संयोजक सुभाष डूंगरवाल, सुजानमल कोचट्टा, अशोक डूंगरवाल, प्रदीप सिसोदिया, अशोक ओरा, बसंतीलाल चपड़ोद, नवनीत सिंह श्रीमाल सहित ग्रुप के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
