जावरा (निप्र): मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित ‘राष्ट्रीय आजीविका संसाधन संस्थान’ एवं ‘सिंजेंटा फाउंडेशन’ (विश्व की अग्रणी कृषि तकनीकी कंपनियों में से एक) के संयुक्त तत्वावधान में “आई-राइज” प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ग्राम भदवासा (मलेनी नदी के पास, महू-नीमच रोड) में संचालित हो रहा है।
संस्थान प्रमुख अनिल कुमार सैनी ने बताया कि यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है। इसका मुख्य उद्देश्य रतलाम सहित आसपास के जिलों के युवाओं को कृषि क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करना है। ये अभ्यर्थी प्रशिक्षण के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पूरा करने और समाज के समग्र विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ:
लक्ष्य: सिंजेंटा फाउंडेशन का लक्ष्य देशभर के एक लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर उनमें कृषि कौशल विकसित करना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है।
पात्रता: किसी भी विषय (संकाय) से 12वीं उत्तीर्ण युवा इस प्रशिक्षण में भाग ले सकते हैं।
प्रशिक्षण अवधि: प्रोग्राम ऑफिसर नरहरि शर्मा के अनुसार, प्रशिक्षण की कुल अवधि तीन माह है।
चरण 1: पहले 23 दिनों में कक्षा-आधारित शिक्षण के साथ फील्ड विजिट के माध्यम से व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान दिया जाएगा।
चरण 2: इसके बाद प्रतिभागियों को दो माह की इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा।
स्टाइपेंड एवं सहायता: इंटर्नशिप के दौरान प्रतिभागियों को 7,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
भविष्य के अवसर:
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, जो युवा अपना स्वयं का स्टार्टअप या उद्यम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें सिंजेंटा फाउंडेशन और राष्ट्रीय आजीविका संसाधन संस्थान द्वारा उचित मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर अंकित गौर, मास्टर ट्रेनर प्रियांशु सिंह, लेखा विभाग प्रमुख दीपक गुप्ता सहित कुल 45 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
