सागोद में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘शाकाहार ही सच्चा धर्म’ का दिया संदेश
सागोद (रतलाम) | 19 फरवरी 2026 ग्राम सागोद में आज विश्व विख्यात संत परम पूज्य बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के पावन सानिध्य में आध्यात्मिक, अलौकिक और पारलौकिक सत्संग एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश धाकड़ धर्मशाला से एक विशाल शाकाहारी कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को धर्ममय कर दिया।
भव्य शोभायात्रा और धर्मसभा
कलश शोभायात्रा मंदिर चौपाल और गांव की प्रमुख गलियों से होते हुए मुख्य रतलाम-धोलाबाड़ रिंग रोड तक पहुंची। हज़ारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यह यात्रा पुनः धाकड़ धर्मशाला पहुंचकर एक विशाल धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। यहाँ बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
आत्मा से परमात्मा का मिलन है सत्संग: सतीश चंद्र जी महाराज
बाबा जयगुरुदेव के परम शिष्य और राष्ट्रीय उपदेश सम्माननीय सतीश चंद्र जी महाराज ने अपने मुखारविंद से अमृत वर्षा करते हुए कहा कि मानव जीवन का असली लक्ष्य आत्मा का परमात्मा से मिलन है। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
- जातियां ईश्वर ने नहीं बनाई: महाराज जी ने कहा कि ईश्वर ने केवल दो ही जातियां बनाई हैं—स्त्री और पुरुष। भारत के रजिस्टर में दर्ज 6500 जातियां कर्म के आधार पर बनी हैं, धर्म के आधार पर नहीं।
- शाकाहार की शक्ति: उन्होंने उदाहरण दिया कि भगवान राम शाकाहारी थे और रावण मांसाहारी, अंततः जीत शाकाहार और सच्चाई की हुई।
- सच्चे हिंदू की पहचान: उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मांस-मदिरा का सेवन कर ‘जय श्री राम’ चिल्लाने वाला सच्चा हिंदू है? उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम सच्चे हिंदू हैं, तो हमें अनिवार्य रूप से शाकाहारी और सदाचारी बनना होगा।
- आत्मा का कल्याण: उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हम समाज सुधार की बात तो करते हैं, लेकिन अपनी आत्मा के सुधार के लिए समय नहीं निकालते। संसार में कुछ भी स्थाई नहीं है, यह तो “चिड़ियों का रैन बसेरा” है, इसलिए मृत्यु से पहले सत्कर्म कर लेना ही बुद्धिमानी है।
प्रसादी और प्रमुख जनों की उपस्थिति
सत्संग के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम में बाबूलाल टाक, बद्री लाल पाटीदार, देवराम रसवाल, दिलीप खराड़ी, भावेश शर्मा, सूरतलाल डामर, डॉ. समरथ भाभर, श्रीमती सुनीता पंचोली, मंजू कुमावत सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
