बाजना परियोजना के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
रतलाम. कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और मैदानी स्तर पर उनकी प्रगति की कड़ी समीक्षा की गई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रामनिवास बुधौलिया सहित सभी परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।: बाजना परियोजना के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
वजन और ऊंचाई में गड़बड़ी पर नाराजगी
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने बैठक में स्पष्ट किया कि उनके भ्रमण के दौरान यह पाया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों का वजन और ऊंचाई सही तरीके से नहीं ली जा रही है। इसके कारण बच्चों के पोषण का डेटा NFHS-5 के अनुपात में सही नहीं मिल रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- समस्त SAM (अति कम वजन) और MAM (कम वजन) बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीकरण पोषण ट्रैकर एप पर सुनिश्चित किया जाए।
- कोई भी बच्चा इस ट्रैकिंग से छूटना नहीं चाहिए।
शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर
आंगनवाड़ियों को केवल पोषण केंद्र न मानकर उन्हें सीखने का केंद्र बनाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:
- बच्चों को फाउंडेशन लर्निंग के तहत खेल-कूद के माध्यम से गिनती, अंग्रेजी और हिंदी वर्णमाला का ज्ञान दिया जाए।
- ‘वॉल पेंटिंग’ के जरिए आंगनवाड़ी की दीवारों और फर्श पर आकर्षक चित्रकारी करवाई जाए, ताकि बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास हो सके।
कम प्रगति पर गाज: बाजना और रतलाम शहर-2 निशाने पर
बैठक में खराब प्रदर्शन करने वाली परियोजनाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया:
- बाजना परियोजना: प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना (PMMVY) में मात्र 47% प्रगति और पोषण ट्रैकर के संकेतकों (FRS, आभा आईडी, अपार आईडी) में जिले में सबसे पिछड़े होने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
- रतलाम शहर-2: पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में बच्चों को भर्ती कराने का प्रतिशत सबसे कम पाए जाने पर परियोजना अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई गई और मेडिकल जटिलता वाले बच्चों को तत्काल भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।
आगामी 15 दिनों का अल्टीमेटम
कलेक्टर ने पोषण आहार के निर्बाध वितरण के लिए स्वयं सहायता समूहों के साथ समन्वय करने और गर्म पके भोजन की एंट्री पोषण ट्रैकर एप में अनिवार्य रूप से करने को कहा। उन्होंने सभी परियोजना अधिकारियों को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना की प्रगति 100% सुनिश्चित की जाए।
