भोपाल/दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। अक्सर छात्र इसके लिए वर्षों तक महंगी कोचिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन भोपाल की पल्लवी मिश्रा ने अपनी लगन और मेहनत से इस धारणा को बदल दिया है। पल्लवी ने बिना किसी बाहरी कोचिंग के अपने दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 73 हासिल कर आईएएस (IAS) बनने का सपना पूरा किया।
संगीत से लेकर कानून तक का सफर
पल्लवी मिश्रा की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। वे एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। भोपाल से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने दिल्ली की प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) से कानून (Law) की डिग्री प्राप्त की। दिलचस्प बात यह है कि वकालत की पढ़ाई के साथ-साथ पल्लवी ने संगीत के प्रति अपने जुनून को भी जिंदा रखा। उन्होंने क्लासिक म्यूजिक में एमए (MA) किया है और वे एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका हैं।
परिवार में है प्रशासनिक माहौल
पल्लवी एक ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ शिक्षा और देश सेवा का माहौल पहले से ही था। उनके पिता श्री अजय मिश्रा एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और माता डॉ. रेणु मिश्रा एक वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। पल्लवी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा उनके बड़े भाई आदित्य मिश्रा (IPS) रहे। भाई को वर्दी में देश की सेवा करते देख पल्लवी के मन में भी प्रशासनिक सेवा में जाने का जज्बा जागा।
असफलता से सीखा सबक
पल्लवी को यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। अपने पहले प्रयास में वे मुख्य परीक्षा (Mains) पास नहीं कर पाई थीं। उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी गलतियों का विश्लेषण किया। उन्हें एहसास हुआ कि निबंध लेखन (Essay Writing) में उनसे कमी रह गई थी। दूसरे प्रयास के लिए उन्होंने विशेष रूप से अपनी लेखन शैली पर काम किया और तैयारी को एक ‘9 से 5 की नौकरी’ की तरह अनुशासित होकर किया।
म्यूजिक बना ‘स्ट्रेस बस्टर’
तैयारी के दौरान जब भी पल्लवी मानसिक थकान महसूस करती थीं, तो वे संगीत का सहारा लेती थीं। उनके कमरे में रखा हारमोनियम उनका सबसे अच्छा साथी था। रियाज करने से उन्हें एकाग्रता (Focus) बढ़ाने में मदद मिली।
युवाओं के लिए संदेश
पल्लवी की सफलता यह साबित करती है कि यदि आपके पास सही मार्गदर्शन (जैसे उन्हें अपने भाई से मिला) और खुद पर अटूट विश्वास हो, तो बिना कोचिंग के भी बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वर्तमान में पल्लवी मिश्रा AGMUT कैडर की आईएएस अधिकारी हैं और देश सेवा में अपना योगदान दे रही हैं।
