भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में अब संगठन और सत्ता के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपने की तैयारी की जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं ने लंबे समय तक संगठन को मजबूत करने का कार्य किया है और जिनके पास गहरा प्रशासनिक अनुभव है, उन्हें विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों में नियुक्त कर उनका ‘पुनर्वास’ किया जाएगा।
वरिष्ठता को दी जाएगी प्राथमिकता
पार्टी के भीतर यह मंथन चल रहा है कि नियुक्तियों का मुख्य आधार केवल चुनावी सक्रियता ही नहीं, बल्कि अनुभव और वरिष्ठता को भी बनाया जाए। इससे न केवल वरिष्ठ नेताओं का सम्मान सुरक्षित रहेगा, बल्कि उनके अनुभव का लाभ सरकार और संगठन दोनों को प्राप्त होगा। विशेष रूप से उन चेहरों पर ध्यान दिया जा रहा है जो पिछले कुछ चुनावों में सक्रिय रहे हैं, लेकिन वर्तमान में किसी प्रमुख संवैधानिक या संगठनात्मक पद पर नहीं हैं।
कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार
माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। अनुभवी नेताओं को मुख्यधारा की जिम्मेदारी मिलने से संगठन की पकड़ और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के बीच हुई चर्चा के बाद, नियुक्तियों की पहली सूची जल्द ही जारी होने की संभावना है।
