मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के लिए आज गर्व का दिन है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में खंडवा की बेटी रूपल धनंजय जायसवाल ने अपनी मेहनत का लोहा मनवाते हुए ऑल इंडिया 43वीं रैंक हासिल की है।
प्रमुख बिंदु: एक प्रेरणादायक सफर
- पिछली हार से ली सीख: यह रूपल का तीसरा प्रयास था। इससे पहले के प्रयास में उन्होंने 512वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और IAS बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोबारा परीक्षा दी।
- शिक्षा और करियर: रूपल ने कानून (Law) की पढ़ाई की है। कुछ समय तक नौकरी करने के बाद, उन्होंने अपना पूरा ध्यान सिविल सेवा की तैयारी पर केंद्रित करने के लिए जॉब छोड़ दी थी।
- कठिन परिश्रम: अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए रूपल ने बताया कि वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई को देती थीं।
- दृष्टिकोण: वह भविष्य में महिला सशक्तिकरण और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहती हैं।
सफलता का श्रेय
रूपल ने अपनी इस शानदार उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट सहयोग और अपने निरंतर परिश्रम को दिया है। खंडवा के स्थानीय निवासियों और परिजनों में इस सफलता को लेकर भारी उत्साह है।
“मेरा लक्ष्य हमेशा से समाज के उन वर्गों के लिए काम करना रहा है जिन्हें मुख्यधारा में लाने की आवश्यकता है।” — रूपल जायसवाल
