मालवा सहित देशभर से उमड़ेंगे गुरुभक्त; तैयारियों को लेकर उत्साह
जावरा। जैन जगत की महान दादा गुरुदेव श्रीपूज्य परंपरा की गुरु गद्दी पर विराजमान जैनाचार्य श्रीपूज्य श्री जिनचंद्र सूरी जी महाराज के संयम व पद आरोहण का 53वां पाटोत्सव इस वर्ष सिद्धाचल गिरिराज (पालीताणा) की छत्रछाया में अत्यंत भव्यता के साथ मनाया जाएगा। 31 जनवरी और 1 फरवरी को आयोजित होने वाले इस महोत्सव को लेकर श्रीसंघों में भारी उत्साह है।
आयोजन की मुख्य रूपरेखा
महोत्सव का आयोजन श्रीपूज्य श्री जिनचंद्र सूरी जी, भावी श्रीपूज्य यतिवर्य श्री अमृत सुंदर महाराज, सुमति सुंदर महाराज एवं आर्या श्री समकित प्रभा श्रीजी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न होगा।
- 31 जनवरी (प्रथम दिवस): प्रातः 6:30 बजे से सिद्धाचल गिरिराज दादा आदिनाथ वंदन यात्रा का शुभारंभ होगा। संध्या काल में सांस्कृतिक कार्यक्रम और पिंटू स्वामी व सिद्धार्थ डागा की सुमधुर प्रस्तुतियों के साथ भव्य भक्ति संध्या का आयोजन होगा।
- 1 फरवरी (द्वितीय दिवस): प्रातः 8:30 बजे जिनेश्वर सूरी भवन से तलेटी होते हुए सौधर्म निवास तक एक विशाल वरघोड़ा (चल समारोह) निकाला जाएगा। इसके पश्चात प्रातः 10 बजे मुख्य पाटोत्सव समारोह, कांबली अर्पण और गुरुदेव के आशीर्वचन होंगे।
- विशेष आकर्षण: संध्या समय जय तलेटी एवं बाबू देरासर में कुमारपाल महाराज द्वारा भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा।
पालीताणा में पहली बार: 10 दिवसीय ‘सत्य साधना’ ध्यान शिविर
मीडिया प्रभारी शिरीष सकलेचा ने बताया कि पाटोत्सव के मंगल अवसर पर इस बार पालीताणा महातीर्थ में प्रथम बार 2 फरवरी से 13 फरवरी तक ‘सत्य साधना’ मौन ध्यान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
- उद्देश्य: 10 दिनों तक पूर्ण मौन और कड़े अनुशासन के बीच साधक आत्म-साधना के माध्यम से जीवन को सार्थक करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
- सर्वधर्म समावेश: इस शिविर की विशेषता यह है कि इसमें किसी भी जाति, वर्ग या धर्म के लोग सम्मिलित हो सकते हैं।
- मालवा की सहभागिता: आयोजन समिति के शैलेश चोपड़ा, बंटी नाहर और विकास मेहता द्वारा विभिन्न श्रीसंघों को निमंत्रण दिए जा रहे हैं। मालवा क्षेत्र से सैकड़ों गुरुभक्त इस ऐतिहासिक पाटोत्सव और ध्यान शिविर का लाभ लेने पालीताणा पहुंचेंगे।
