चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए करीब 25 लाख वोटों की चोरी के आरोपों का जवाब देने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा ने एक बड़ी रणनीति तैयार की है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन (सोमवार), सरकार राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव ला सकती है।
वोट चोरी के आरोपों पर सरकार का पलटवार
राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद, भाजपा अब तथ्यों के साथ विपक्ष को घेरने के मूड में है।
- SIR की घोषणा: देश के 12 राज्यों की तर्ज पर हरियाणा में भी SIR लागू करने का प्रस्ताव चुनाव मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा द्वारा पेश किया जा सकता है।
- विपक्ष के लिए धर्मसंकट: सरकार की योजना है कि यदि कांग्रेस को वाकई वोट चोरी का डर है, तो उसे इस पारदर्शी प्रक्रिया (SIR) का समर्थन करना चाहिए।
- आंकड़ों से जवाब: उद्योग मंत्री राव नरबीर ने सदन में पहले ही तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अपनी हार के अंतर में 5,000 वोट जोड़कर उसे ‘चोरी’ का नाम दे रहे हैं। उन्होंने बादशाहपुर और अन्य सीटों के उदाहरण देकर इन आरोपों को खारिज किया।
अविश्वास प्रस्ताव का हश्र
हाल ही में कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बिना वोटिंग के ही गिर गया। मुख्यमंत्री नायब सैनी के जवाब के दौरान कांग्रेस विधायकों के सदन से वॉकआउट करने के कारण प्रस्ताव ‘औंधे मुंह’ गिरा। गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में भी विपक्ष का ऐसा ही प्रयास विफल रहा था।
बड़ी राहत: एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर अब 58 साल तक सुरक्षित
विधानसभा सत्र के आखिरी दिन शिक्षा जगत के लिए भी एक बड़ा फैसला होने जा रहा है। सरकार कच्चे कर्मचारियों के बाद अब उच्च शिक्षा और तकनीकी संस्थानों में तैनात शिक्षकों को बड़ी सौगात दे रही है:
- सेवा सुरक्षा: जिन एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर ने 15 अगस्त 2024 तक अपनी सेवा के 5 साल पूरे कर लिए हैं, उन्हें अब 58 वर्ष की आयु तक हटाया नहीं जा सकेगा।
- वित्तीय लाभ: इन शिक्षकों को अब नियमित प्रोफेसरों की तर्ज पर महंगाई भत्ता (DA) मिलेगा, जो हर साल जनवरी और जुलाई में संशोधित होगा।
- अन्य सुविधाएं: इन्हें चिरायु योजना, ग्रेच्युटी, मातृत्व लाभ और एक्सग्रेसिया जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
- लाभार्थी: इस फैसले से राजकीय महाविद्यालयों के करीब 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर और 46 गेस्ट लेक्चरर लाभान्वित होंगे। साथ ही, विश्वविद्यालयों के 1400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों की नौकरी भी सुरक्षित होने की उम्मीद है।
