बिजनेस डेस्क: देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (JFSL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। 16 जनवरी को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने रेवेन्यू (राजस्व) के मोर्चे पर तो शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
तीसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, जियो फाइनेंशियल का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 9% घटकर 269 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल इसी तिमाही (दिसंबर 2024) में कंपनी ने 295 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। मुनाफे में आई इस गिरावट का मुख्य कारण परिचालन खर्चों में बढ़ोतरी और कंपनी के आक्रामक विस्तार को माना जा रहा है।
रेवेन्यू में दर्ज हुई ‘बंपर’ ग्रोथ
भले ही मुनाफा घटा हो, लेकिन कंपनी के रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है:
- दोगुना हुआ रेवेन्यू: तीसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन रेवेन्यू (Revenue from Operations) सालाना आधार पर 106% बढ़कर 901 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
- पिछले साल का आंकड़ा: एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू महज 438 करोड़ रुपये था।
नतीजों की मुख्य बातें (Q3 Highlights):
- कोर ऑपरेटिंग इनकम: कंपनी की कोर ऑपरेटिंग इनकम में तेजी से वृद्धि हुई है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाती है।
- विस्तार योजनाएं: जियो फाइनेंशियल लगातार फिनटेक सेक्टर में नए उत्पाद लॉन्च कर रही है, जिसका असर उसके रेवेन्यू ग्रोथ पर स्पष्ट दिख रहा है।
एक्सपर्ट व्यू: मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई कंपनी होने के नाते जियो फाइनेंशियल अभी निवेश और विस्तार के दौर में है, इसलिए रेवेन्यू में डबल ग्रोथ होना भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
