रायपुर: छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज एक प्रेस वार्ता के माध्यम से विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण, उनके बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

श्रमिक पंजीयन और डीबीटी (DBT) से सीधा लाभ
मंत्री श्री देवांगन ने जानकारी दी कि पिछले 2 वर्षों में विभाग ने 11.40 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया है। विभाग की 71 योजनाओं के माध्यम से कुल 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में हस्तांतरित की गई है।
पंजीयन और लाभ का वर्गीकरण:
- निर्माण श्रमिक: 9.4 लाख पंजीयन | ₹653.75 करोड़ का लाभ।
- असंगठित श्रमिक: 1.39 लाख पंजीयन | ₹143.77 करोड़ का लाभ।
- संगठित श्रमिक: 98 हजार पंजीयन | ₹7.24 करोड़ का लाभ।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और चिकित्सालय
श्रमिकों की चिकित्सा सुविधा के लिए राज्य में बड़े कदम उठाए गए हैं:
- विद्यमान सुविधाएं: रायपुर, कोरबा, रायगढ़ और भिलाई में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल संचालित हैं।
- आगामी अस्पताल: बिलासपुर में नया अस्पताल शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।
- औषधालय: वर्तमान में 43 औषधालय हैं, 4 नए औषधालय और रायगढ़, कुम्हारी व बीरगांव में मॉडल औषधालय विकसित किए जाएंगे।
श्रम कानूनों में सुधार और ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’
मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के 17 प्रमुख बिजनेस रिफॉर्म्स को राज्य में लागू किया गया है:
- रात्रि पाली में सुरक्षा: महिला श्रमिकों को रात्रि पाली में काम करने का सशर्त अधिकार।
- लायसेंस अवधि: कारखाना लाइसेंस की अवधि 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष की गई।
- निरीक्षण प्रणाली: कारखानों का निरीक्षण अब ‘स्वचालित प्रणाली’ (Automated System) से हो रहा है। नियमों के उल्लंघन पर ₹5 करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।
भविष्य की रणनीति: ‘अटल कैरियर निर्माण योजना’
श्रम विभाग ने आगामी समय के लिए कई जनहितैषी योजनाओं की घोषणा की है:
- अटल कैरियर निर्माण योजना: पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPSC, PSC, आदि) की कोचिंग के लिए सहायता।
- श्रमिक अन्न योजना: ‘शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ का विस्तार अब सभी जिलों में किया जाएगा।
- AI और टेक्नोलॉजी: शिकायतों के निवारण के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मैसेजिंग सुविधा शुरू होगी, जिससे श्रमिक घर बैठे अपनी शिकायत की स्थिति जान सकेंगे।
- स्वास्थ्य परीक्षण: निर्माण श्रमिकों के लिए एक पृथक स्वास्थ्य परीक्षण योजना शुरू की जाएगी।
नई श्रम संहिता (Labour Codes) का कार्यान्वयन
भारत सरकार द्वारा लाए गए 29 पुराने कानूनों के स्थान पर 04 नई श्रम संहिताओं के तहत राज्य में नए नियम बनाए जा रहे हैं। इससे श्रमिकों को:
- नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता।
- न्यूनतम वेतन की सुरक्षा।
- साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण।
- ‘गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ (जैसे डिलीवरी पार्टनर) के लिए सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
मुख्य बिंदु:
- डीबीटी: ₹804.77 करोड़ सीधे श्रमिकों के खातों में।
- ईएसआई: बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हुई।
- शिक्षा: श्रमिकों के बच्चों के लिए मुफ्त कोचिंग की नई योजना।
- महिला सशक्तिकरण: कार्यस्थलों पर समान अधिकार और सुरक्षा।
